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भाग्य मंथन दो शब्दों से मिलकर बना है पहला भाग्य और दूसरा मंथन। भाग्य उन कर्मों का फल है जो जीव नाना प्रकार की योनियों को भोगते हुऐ करता है। नाना प्रकार की योनियों को भोगते हुए अच्छे कर्म करते रहने के कारण जीव को मनुष्य शरीर मिलता है और साथ में प्राप्त होती है एक शक्ति। उस शक्ति का नाम ही है मंथन। मंथन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके चलते जीव अपने से जुड़े सभी प्रश्नों के उत्तर ढूढ़ता है। मनुष्य शरीर मिलते ही जीव देश, परिस्थिति और काल के अधीन अलग-अलग प्रकार के कर्म करता है और फिर कुछ फलों की तत्काल प्राप्ति से और कुछ प्रारब्ध कर्म फलों के आधार पर जीवन जीता है। भूतकाल में किये कर्मों के कारण जो नकारात्मक परिस्थितियाँ जीव को निरन्तर मिलती रहती है उसके चलते जीव परेशान रहता है और निरन्तर इन समस्याओं को समाप्त करने के उपाय ढूढ़ता है। भाग्य को सही दिशा देने के लिए सकारात्मक आत्मिक और वैचारिक परिवर्तन को लाना ही भाग्य मंथन है। इस परिवर्तन को लाने का आधार बस शुद्ध ज्ञान को प्राप्त करना है। शुद्ध ज्ञान प्राप्ति ही मंथन की शक्ति को सही मार्ग देने में सक्षम है।

भाग्य मंथन में हम नित्य कुछ नया सीखने का प्रयास करते है। जिसमें वैदिक ज्ञान, पुराणों में बतायी गयी कथाओं का ज्ञान और ऐसा ही बहुत कुछ है। इन सभी चीजों का जब तक मंथन नही किया जायेगा तब तक अंधविश्वासों और मिथ्या बातों के भंवर से हम बाहर नहीं निकल सकते। साफ शब्दों में समझें तो असत्य के अन्धकार से सत्य को बाहर निकालने का प्रयास ही है भाग्य मंथन। यह स्वयं के लिए किया गया प्रयास है जहाँ हम अपनी आत्मा के स्वर को साफ-साफ सुनने के लिए प्रतिबध रहते है। यह स्थान किसी भी जाति या धर्म से सम्बन्धित नहीं है, इस स्थान का सम्बन्ध प्रत्येक उस जीव से है जोकि अपनी नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मकता की तरफ बढना चाहता है।

भाग्य मंथन करने के लिए और सही मार्ग का विस्तार करने के लिए समय-समय पर कई लोगों ने इस पवित्र धरती पर जन्म लिया। उन्हीं में से एक गुरु राहुलेश्वर जी भी है जिन्होनें अपने जीवन को मानवता की भलाई में लगाया है। राहुलेश्वर जी का जन्म मध्यमवर्गीय पहाड़ी ब्राह्मणों के परिवार में हुआ। बचपन से ही इनकी रुची धर्म ग्रन्थों की तरफ रही। इनके जीवन का बहुत बड़ा भाग हरिद्वार और ऋषिकेश के गुप्त स्थानों में शक्ति साधना करने में भी निकला। गुरू जी के जीवन का एक ही उद्देश्य है आत्म मंथन कर सरलता के उच्चतम शिखर को प्राप्त किया जाये। आईये हम सब मिलकर भाग्य मंथन का हिस्सा बनें और अपने जीवन को शान्ति और सरलता की तरफ मोड़ें।

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